A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेशबिजनोर

नजीबाबाद : रमा जैन महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

Screenshot 20251207 193745 Gallery

रमा जैन कन्या महाविद्यालय नजीबाबाद में शिला अक्षर फाउंडेशन दिली व रमा जैन कन्या महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

भारतीय ज्ञान परम्परा एवं सतत विकास विषय पर आयोजित संगोष्ठी का आरम्भ मुख्य अतिथि डॉ. देवराज आर्य, विशिष्ट अतिथि डॉ. एसपी शर्मा, विशिष्ट अतिथि डॉ भार्गव, मुख्य वक्ता डॉ अरूण देहाविद्यालय प्राचार्या डॉ. गुदुला त्यागी ने सयुक्त रूप से सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।

संगोष्ठी का संचालन एवं निर्देशन डा0 पूनम अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं राफिया, इलमा, मुस्कान, संजना, आलिया एवं मुस्कान परवीन ने अपने-अपने शोध पत्र पढ़े।

इस अवसर पर डॉ. ब्रजलता शर्मा की पुस्तक धरती है बलिदान व डॉ अनुज कुमार भार्गव की पुस्तक नारी शक्ति, संवेदना व सुजन की धारा का भी विमोचन हुआ। में ब्रजलता शर्मा ने शिला अक्षर फाउंडेशन दिल्ली के विषय में पूरी जानकारी दी।

डॉ. अनुज कुमार भार्गव ने कविता मुख्य वक्ता डॉ अरूण देव जायसवाल ने कहा कि संगोष्ठी का विषय बहुत गम्भीर व महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारतीय ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति, समानता, स्वतंत्रता, ज्ञान परम्परा एवं सतत विकास का विस्तृत वर्णन किया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. एसपी शर्मा ने कहा कि पर्यावरण के कारण इको सिस्टम बिगड़ रहा है। उन्होंने सभी से पर्यावरण के प्रति जागरुक रहने का आहवान किया। मुख्य अतिथि डॉ देवराज आर्य ने कहा कि संस्कृति हमारे विचारों को निर्मल करती है, पशुता से मुक्ति दिलाती है और हमें संस्कारित करती है।

संस्कृति एक जीवन पद्धति है। संस्कृति प्रगतिशील होती है। ये संघर्षशील बनाती है व जाति संघर्ष में ही डिपी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली खोज एवं जिज्ञासा को बढ़ाती है जो हमे अभ्युदय की ओर ले जाती है। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या, शिक्षक व शिक्षिकाओं ने प्रशंसनीय सहयोग प्रदान किया.

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!